नई दिल्ली. शनिवार को सरकार ने दूसरी सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी कंपनी बीपीसीएल में अपनी पूरी 52.98% हिस्सेदारी बेचने के लिए बोलियां आमंत्रित की। डिपार्टमेंट ऑफ इन्वेस्टमेंट एंड पब्लिक असेट मैनेजमेंट (दीपम) के दस्तावेज के मुताबिक बीपीसीएल की रणनीतिक बिक्री के लिए दो मई तक रुचि पत्र सौंपे जा सकते हैं। दस्तावेज में कहा गया है कि सरकार बीपीसीएल में अपनी 52.98% हिस्सा बेचेगी। यह 114.91 करोड़ इक्विटी शेयरों के बराबर है। इसके साथ ही कंपनी का मैनेजमेंट कट्रोल भी रणनीतिक खरीदार के हवाले किया जायेगा।
नुमालीगढ़ रिफाइनरी में बीपीसीएल की हिस्सेदारी शामिल नहीं
इस विनिवेश प्रक्रिया में नुमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड (एनआरएल) में बीपीसीएल की 61.65% हिस्सेदारी शामिल नहीं है। एनआरएल का हिस्सा किसी सार्वजनिक क्षेत्र की तेल एवं गैस कंपनी को बेची जाएगी। बोली के लिए जारी ऑफर डॉक्यूमेंट में कहा गया है कि बीपीसीएल को निजीकरण में सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां भाग नहीं लेंगी।
बोली लगाने के लिए कंपनी की नेटवर्थ 10 अरब डॉलर हो
बोली दो चरणों में लगाई जाएगी। पहले चरण में कंपनी को खरीदने में रुचि दिखाने वाले सफल बोलीदाता को दूसरे चरण में वित्तीय बोली लगाने के लिए कहा जाएगा। कोई भी निजी कंपनी जिसकी नेटवर्थ 10 अरब अमेरिकी डॉलर हो, वह विनिवेश में भाग ले सकती है और अधिकतम चार कंपनियों के समूह को बोली लगाने की इजाजत दी जाएगी। बोली की शर्तों के अनुसार ऐसे समूह के अग्रणी सदस्य को कम से कम 40% हिस्सेदारी लेनी होगी जबकि अन्य सदस्यों के पास न्यूनतम एक अरब डॉलर की नेटवर्थ होनी चाहिए।
बीपीसीएल के पास देश की रिफाइनरी क्षमता का 14% हिस्सा
बीपीसीएल के पास देश की तेल रिफाइनरी क्षमता का 14% हिस्सा है और ईंधन बाजार में एक चौथाई हिस्सेदारी है। बीपीसीएल का मार्केट कैप करीब 87,388 करोड़ रुपए है। सफल बोलीदाता को उसी दाम पर अन्य शेयरधारकों से भी 26% हिस्सेदारी के अधिग्रहण के लिए खुली पेशकश करनी होगी। बीपीसीएल देश में चार रिफाइनरियां चलाती हैं। बीपीसीएल की रिफाइनरी मुंबई, कोच्चि, बीना और नुमालीगढ़ में हैं। इनकी कुल एक्सट्रैक्शन क्षमता 3.83 करोड़ टन सालाना है।
बीपीसीएल के पास 15,177 पेट्रोल पंप और 6,011 एलपीजी वितरक एजेंसियां
देशभर में बीपीसीएल के कुल 15,177 पेट्रोल पंप और 6,011 एलपीजी वितरक एजेंसियां हैं। इसके अलावा उसके 51 एलपीजी बॉटलिंग संयंत्र भी हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2020-21 के बजट में विनिवेश से 2.1 लाख करोड़ रुपए जुटाने का लक्ष्य रखा है और इसे पूरा करने के लिए बीपीसीएल का निजीकरण जरूरी है। सरकार ने रणनीतिक विनिवेश प्रक्रिया के प्रबंधन और इस विषय पर सलाह देने के लिए डेलॉय टोशे टोमात्सु इंडिया एलएलपी को सलाहकार के रूप में अनुबंधित किया है।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/2VWI5ij
No comments:
Post a Comment