फ्रैंकलिन टेंपल्टन म्यूचुअल फंड की डेट फंड स्कीम्स के बंद होने के बाद एक हफ्ते में क्रेडिट रिस्क फंड्स के असेट अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) में 26 प्रतिशत की गिरावट आई है। यह जानकारी एसोसिएशन ऑफ म्यूचु्अल फंड्स इन इंडिया (एंफी) ने दी है।
30 अप्रैल तक 48,576 करोड़ रुपए था एयूएम
एंफी के आंकड़ों के मुताबिक पूरे म्यूचुअल फंड उद्योग के 20 क्रेडिट रिस्क फंड का कुल एयूएम 30 अप्रैल तक 48,576 करोड़ रुपए था। यह 12,569 करोड़ रुपए गिरकर 36,008 करोड़ रुपए पर आ गया है। यह गिरावट 26 प्रतिशत रही है। इस गिरावट का मुख्य कारण हालांकि असेट्स की कीमतों में गिरावट रहा है, लेकिन इस दौरान इन फंड में रिडेंम्प्शन भी हुआ है।
आरबीआई ने दी थी 50,000 करोड़ रुपए की सुविधा
म्यूचुअल फंड को संकट से उबारने के लिए आरबीआई ने 27 अप्रैल को एक स्पेशल विंडो के तहत 50,000 करोड़ रुपए की मदद दी थी। म्यूचुअल फंड के लिए स्पेशल लिक्विडिटी फैसिलिटी से बैंक ने 6,000 करोड़ रुपए इस स्कीम के तहत उधारलिए। एंफी की रिलीज के मुताबिक 24 अप्रैल तक क्रेडिट रिस्क फंड्स सेगमेंट ने 2,949 करोड़ रुपए जुटाए थे जबकि 27 अप्रैल को 4,294 करोड़ रुपए जुटाया गया। 27 अप्रैल को अचानक इसमें वृद्धि का कारण आरबीआई द्वारा जारी लिक्विडिटी था।
पिछले महीने फ्रैंकलिन की 6 डेट स्कीम्स हुई थीं बंद
बता दें कि हाल में डेट फंड की क्रेडिट रिस्क स्कीम्स निवेशकों के लिए बुरा साबित हुई हैं। एक ओर जहां एक साल में इन्होंने घाटा दिया, वहीं फ्रैंकलिन टेंपल्टन की 6 स्कीम्स बंद होने से निवेशकों के पैसे फंस गए। फ्रैंकलिन की इन 6 स्कीम्स का एयूएम 28,000 करोड़ रुपए रहा है। इस घटना के बाद कई क्रेडिट रिस्क फंड एनएवी में एक दिन में भारी गिरावट भी दर्ज की गई जो 50 प्रतिशत से अधिक रही।
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