ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म अमेजन ने कहा कि चालू कारोबारी साल की पहली तिमाही में उसकी बिक्री 26 फीसदी बढ़ी है। कंपनी ने तिमाही नतीजे की घोषणा में वादा किया कि चालू वर्ष की दूसरी तिमाही (अप्रैल-जून) में वह अपने समूचे संचालन लाभ को कोरोनावायरस की रोकथाम के उपायों पर खर्च करेगी। इसमें कर्मचारियों के लिए मास्क सहित अन्य सुरक्षा उपाय व ग्राहकों को घरों पर सामान पहुंचाने की प्रक्रिया में बढ़ने वाली अन्य लागत भी शामिल है।
पहली तिमाही में 75.5 अरब डॉलर की बिक्री
अमेरिका के सिएटल की कंपनी ने गुरुवार को (भारतीय समय के अनुसार शुक्रवार सुबह) कहा कि जनवरी-मार्च तिमाही में उसकी बिक्री 26 फीसदी बढ़कर 75.5 अरब डॉलर रही। एक साल पहले की समान तिमाही में अमेजन की बिक्री 59.7 अरब डॉलर रही थी। हालांकि इस दौरान मुद्र विनिमय दर में साल-दर-साल आधार पर हुए बदलाव के नकारात्मक असर को हटाकर देखा जाए, तो कंपनी की बिक्री 27 फीसदी बढ़ी है।
शुद्ध लाभ घटकर 2.5 अरब डॉलर रहा
आलोच्य तिमाही में कंपनी का शुद्ध लाभ घटकर 2.5 अरब डॉलर या प्रति डाइल्यूटेंड शेयर 5.01 डॉलर रहा। एक साल पहले की समान तिमाही में कंपनी का शुद्ध लाभ 3.6 अरब डॉलर या प्रति डाइल्यूटेड शेयर 7.09 डॉलर था। तिमाही नतीजे की घोषणा के बाद अमेजन के शेयर बाजार बंद होने के बाद के कारोबार में करीब 5 फीसदी तक लुढ़क गए।
कोरोनावायरस कंपनी के लिए अब तक की सबसे बड़ी चुनौती
अमेजन के संस्थापक और सीईओ जेफ बेजोस ने कहा कि ऑनलाइन शॉपिंग से लेकर एडब्ल्यूएस तक और प्राइम वीडियो से लेकर फायर टीवी तक सभी मौजूदा संकट के समय में अमेजन के कारोबार की अडैप्टिबलिटी और ड्यूरेबिलिटी का परिचय देते हैं। हालांकि कंपनी के लिए यह अब तक का सबसे कठिन समय है।
दूसरी तिमाही में बिक्री 75-81 अरब डॉलर रहने का अनुमान
कंपनी ने कहा कि दूसरी तिमाही में कंपनी की बिक्री 18-28 फीसदी बढ़कर 75-81 अरब डॉलर की रह सकती है। बेजोस ने कहा कि सामान्य परिस्थितियों में आगामी तिमाही में कंपनी को करीब 4 अरब डॉलर का संचालन लाभ होता। लेकिन परिस्थितियां सामान्य नहीं हैं। इसलिए आगामी तिमाही में 4 अरब डॉलर की यह समूची राशि या इससे भी कहीं ज्यादा कोरोनावायरस से जुड़े खर्चों में लग सकती है। इसमें सामान को ग्राहकों तक पहुंचाने का खर्च और अपने कर्मचारियों को सुरक्षित रखने का खर्च भी शामिल है।
कोविड-19 की अपनी टेस्टिंग क्षमता पर कंपनी करेगी करोड़ों डॉलर खर्च
बेजोसे ने कोरोनावायरस से जुड़े खर्चों का ब्योरा देते हुए कहा कि इसमें मास्क व अन्य व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों, अपने कारोबारी परिसर की स्वच्छता और सोशल डिस्टेंसिंग वाली कम सक्षम कार्य प्रणाली भी शामिल है। इसके अलावा घंटा के आधार पर काम करने वाले कर्मचारियों को ज्यादा वेतन देना पड़ सकता है। साथ ही हमें अपनी कोविड-19 टेस्टिंग क्षमता के विकास पर करोड़ों डॉलर का खर्च करना पड़ सकता है।
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