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Friday, 1 May 2020

कोरोनावायरस ने तोड़ा सिल्वर स्क्रीन का सपना, ठप पड़ी इंडस्ट्री को पटरी पर लाने के लिए बॉलीवुड को करना होगा लंबा स्ट्रगल

लॉकडाउन के कारण औद्योगिक गतिविधियों पर संकट है, इसमें दो राय नहीं। कामकाज हो नहीं रहा, इंडस्ट्री ठप है। लाखों लोगों की नौकरी खतरे में हैं। फिल्म इंडस्ट्री की बात की जाय तो इस इंडस्ट्री से जुड़े लोगों को करोड़ों रुपए का नुकसान हो रहा है और डेली वेजेज वर्कर्स के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। देशव्यापी लाॅकडाउन के चलते लगभग 9,500 सिनेमाघर बंद हैं। देश में हर साल करीब 1200 फिल्में बनती हैं इसमें कई फिल्में बड़ी बजट की होती हैं जो कि अकेले 500 करोड़ व उससे ज्यादा का कारोबार कर लेती हैं। जानकारों की मानें तो फिल्म इंडस्ट्री को उबरने में सालों लग जाएंगे।


दर्शकों को थिएटर तक लाने के लिए करना पड़ेगा रिक्वेस्ट

  • रायटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस सप्ताह मुबंई में करीब दर्जनों फिल्म प्रोड्यूर्स, डिस्ट्रिब्यूटर्स और फिल्म अभिनेताओं के बीच एक वीडियो काॅन्फ्रेंस किया गया था। इसमें इंडस्ट्री के रिकवरी को लेकर, फिल्म मेकिंग और भविष्य की योजनाओं पर बात की गई है।
  • वीडियो काॅन्फ्रेंस में शामिल एक फिल्म निर्माता का कहना है कि फिल्म बनाना एक जुआ है। कई फिल्म निर्माता अगले एक साल के लिए फिल्म मेकिंग को पैकअप कर सकते हैं। वहीं जिन फिल्मों का काम पूरा हो चुका है सिर्फ रिलीज करनी बाकी हैं उसके लिए दर्शकों को सिनेमा हाॅल तक बुलाने के लिए रिक्वेस्ट करना पड़ सकता है।
  • अकाउंटिंग फर्म डेलाॅय इंडिया के पार्टनर जेहिल ठक्कर का कहना है कि फिल्म इंडस्ट्री के लिए कठिन समय है। लॉकडाउन खत्म होने के बाद भी कारोबार चलने की उम्मीद कम है। निवेश फर्म एलारा कैपिटल के विश्लेषक करन तौरानी के मुताबिक, देश में 15 जून तक थिएटर खुलने की उम्मीद नहीं है। सबकुछ सामान्य होने में अगस्त तक का समय लग जाएगा ऐसे में दर्शक अगस्त-सितंबर पर शायद ही थिएटर जाएंगे।


थिएटर खुलने के बाद छोटी बजट की फिल्में ही रिलीज होंगी
ऐसे बिगड़ा गणित-

  • सूर्यवंशी: यह 24 मार्च को रिलीज हो रही थी। 24 मार्च के बाद गुड़ी पड़वा और बाकी त्योहारों की छुट्टियां थीं। आगे तीन अप्रैल से लेकर 10 अप्रैल तक छोटे बजट की फिल्म थी। ऐसे में सूर्यवंशी के पास तीन हफ्ते तक तकरीबन सोलो रिलीज का गोल्डन चांस था। ऐसे में उसे निश्चित 300 से 400 करोड़ कमाने का चांस था। आगे किसी और डेट पर रिलीज होगी तो तय है कि उसकी कमाई इतनी नहीं होगी।’
  • राधे: राधे ईद तक शेड्यूल्ड थी। बता दें कि सलमान की ओपनिंग 23 से 34 करोड़ तक जाती है। वह यकीनन सिमट कर 12 से 15 करोड़ तक रह जाएगी। ऐसे में डेली बेसिस पर राधे को 10 करोड़ का नुकसान है। यह सब थिएटर बंदी और शूटिंग अफेक्ट होने का ही साइड इफेक्ट होगा।
  • बॉलीवुड फिल्म एजेंसी ओरमैक्स के प्रमुख शैलेष कपूर का कहना है कि दोबारा सिनेमा घर खुलने के बाद कुछ महीनों तक सिर्फ छोटी बजट की फिल्में ही रिलीज की जाएगी होंगी। बड़ी बजट की फिल्में जैसे कि सूर्यवंशी, राधे को तब तक रिलीज नहीं किया जाएगा जब तक कि यह सुनिश्चित न हो जाए कि दर्शक थिएटर में मूवी देखने पहुंच रहे हैं या नहीं। व्यापार विश्लेषक गिरीश जौहर का अनुमान है कि अप्रैल और मई माह के मध्य तक फिल्में रिलीज नहीं होने के कारण इंडस्ट्री को 130 मिलियन डाॅलर से अधिक का नुकसान हो सकता है।


वित्त वर्ष 2020-21 में टिकट बिक्री से लेकर विजिटर्स की संख्या में 50% गिरावट
एक रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2020-21 में विजिटर्स की संख्या, टिकट बिक्री, विज्ञापन राजस्व और फूड और बेवॅरिज (पेय-पदार्थ) की बिक्री में करीब 50% से अधिक की गिरावट आएगी। थियेट्रोबायर्स को डर है कि भविष्य में उन्हें सोशल डिस्टेंसिंग के चलते ग्राहकों के नाम और पते रिकॉर्ड करने होंगे, तापमान की जांच करनी होगी और स्वच्छता सुनिश्चित करना होगा। साथ ही मास्क का उपयोग अनिवार्य करना होगा।

हालांकि इन सबसे के कारण अन्य खर्च बढ़ेंगे
फिल्म इंडस्ट्री से संबंधित जानकार बताते हैं कि फिल्म इंडस्ट्री को हो रहे नुकसान के चलते हजारों लोकल डांसर से लेकर स्टेज कलाकार, तकनीशियंस समेत गर्ग कर्मचारियों (प्रोजेक्ट के आधार पर पेमेंट) के सामने नकदी की समस्या आ गई है।



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सोशल डिस्टेंसिंग के चलते लंबे समय तक लोग थिएटर जाने से बचेंगे।


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