क्रेडिट रेटिंग एजेंसी एसएंडपी ग्लोबल के अनुमान के मुताबिक कोरोनोवायरस संकट की वजह से ग्लोबल बैंकों को 2021 के अंत तक 2.1 ट्रिलियन डॉलर (करीब 150-160 लाख करोड़ रुपए) के संयुक्त ऋण घाटे का सामना करना पड़ सकता है। ये इस साल 1.3 ट्रिलियन डॉलर है जो 2019 की तुलना में दोगुना से अधिक है।
एसएंडपी ने गुरुवार को कहा कि एशिया-प्रशांत में लगभग 60 प्रतिशत नुकसान होने की संभावना है। एसएंडपी के टॉप एनालिस्ट ग्रुप ने एक रिपोर्ट में कहा, "हमारा अनुमान है कि टॉप 200 रेटेड बैंक ग्लोबल बैंक लोन के बारे में दो-तिहाई का प्रतिनिधित्व करते हैं।"
लोन घाटा 75% अर्निंग खत्म कर देगा
एनालिस्ट ग्रुप ने कहा कि 2020 के लिए हम अनुमान लगाते हैं कि इन बैंकों के लिए लोन घाटा उनकी प्रीप्रोविजन अर्निंग के लगभग 75% को खत्म कर देगा। हमारे आधार मामले के तहत यह अनुपात 2021 में लगभग 40% हो जाता है। 2021 में चीन से तीन तिमाहियों के साथ एशिया-प्रशांत को 1.2 ट्रिलियन डॉलर के नुकसान की उम्मीद है।
चीन, यूएस, जापान का बैंकिंग सिस्टम एक जैसा
कस्टमर लोन के संदर्भ में चीनी बैंकिंग सिस्टम यूएस, जापान, जर्मन और ब्रिटिश बैंकिंग सिस्टम के लगभग समान है और अर्थव्यवस्था में ऋण की आपूर्ति में अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए जाना जाता है।
अमेरिकी क्षेत्रो में 366 बिलियन डॉलर की वृद्धि का अनुमान
उत्तरी अमेरिका के क्षेत्रों में 366 बिलियन डॉलर की वृद्धि का अनुमान है। इसके बाद पश्चिमी यूरोप में 228 बिलियन डॉलर, पूर्वी यूरोप में 142 बिलियन डॉलर, मध्य पूर्व और अफ्रीका में और लैटिन अमेरिका में 131 बिलियन डॉलर की वृद्धि का अनुमान है।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/2ZTTboO
No comments:
Post a Comment