ई-कॉमर्स सेक्टर में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) अर्बन लैडर और मिल्कबास्केट को खरीद सकती है। अर्बन लैडर ऑनलाइन फर्नीचर बेचने का कारोबार करती है जबकि मिल्कबास्केट एक मिल्क डिलिवरी प्लेटफॉर्म है।
अर्बन लैडर से कई महीनों से चल रही बातचीत
अर्बन लैडर की खरीदारी को लेकर आरआईएल की बातचीत पिछले कई महीनों से चल रही है। टीओआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अब यह बातचीत एडवांस स्टेज में पहुंच गई है। इस मामले से वाकिफ लोगों का कहना है कि यह डील 30 मिलियन डॉलर के आसपास की हो सकती है। इसी तरह से अमेजन और बिगबास्केट से डील फेल होने के बाद मिल्कबास्केट और रिलायंस काफी नजदीक आ गए हैं।
5 मिलियन डॉलर के निवेश से मिल्कबास्केट को मिला नया जीवन
टीओआई की रिपोर्ट के मुताबिक, मिल्कबास्केट में हाल ही में किए गए 5 मिलियन डॉलर के निवेश से कंपनी को एक नया जीवन मिला है। इससे कंपनी को अपनी वैल्यूएशन के लिए मोलभाव करने का भी मौका मिलेगा। मिल्कबास्केट 1.30 लाख घरों में सेवा देती है और यह सब्जी, डेरी, बेकरी और अन्य एफएमसीजी से जुड़े 9 हजार उत्पादों की डिलिवरी करती है। कंपनी इस समय गुरुग्राम, नोएडा, द्वारका, गाजियाबाद, हैदराबाद और बेंगलुरु में सेवाएं दे रही है।
लॉकडाउन में बढ़ा मिल्कबास्केट का कारोबार
कोरोना के कारण लगाए गए देशव्यापी लॉकडाउन में मिल्कबास्केट का कारोबार बढ़ा है। इस अवधि में कंपनी के औसत वैल्यू ऑर्डर में 2.2 से 2.5 गुना की बढ़ोतरी हुई है। लॉकडाउन के दौरान कंपनी से रोजाना 500 से 1000 नए ग्राहक जुड़े हैं। इन दोनों कंपनियों के अलावा मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाला रिलायंस समूह ई-फार्मेसी स्टार्टअप नेटमेड्स और लिंगरी रिटेनर जिवामी को खरीदने को लेकर बातचीत कर रहा है। इसके अलावा फ्यूचर रिटेल में हिस्सेदारी को लेकर भी बातचीत चल रही है।
2012 में शुरू हुई थी अर्बन लैडर
अर्बन लैडर एक ई-कॉमर्स स्टार्टअप है। इसकी स्थापना जुलाई 2012 में बेंगलुरु में हुई थी। आशीष गोयल और राजीव श्रीवास्तव अर्बन लैडर के को-फाउंडर हैं। अर्बन लैडर ऑनलाइन फर्नीचर बिक्री का कारोबार करती है। इस स्टार्टअप का उद्देश्य शहरी क्षेत्र में होम सॉल्यूशन उपलब्ध कराना है। इस स्टार्टअप पर 25 से ज्यादा कैटेगरी में 1000 से ज्यादा प्रोडक्ट उपलब्ध हैं। अर्बन लैडर बेंगलुरु, मुंबई, दिल्ली/एनसीआर, चेन्नई, पुणे, हैदराबाद और अहमदाबाद में डिलिवरी देती है। कंपनी 2012 से अब तक 114.9 मिलियन डॉलर का फंड जुटा चुकी है। कंपनी ने अपना अंतिम फंड 6 नवंबर 2019 को जुटाया था। स्टीडव्यू कैपिटल, सैफ पार्टनर्स और कालारी कैपिटल अर्बन लैडर के प्रमुख निवेशक हैं।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/341xPtg
No comments:
Post a Comment