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Wednesday, 16 September 2020

2021 की शुरुआत में आईपीओ ला सकती है ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट, 50 बिलियन डॉलर हो सकती है वैल्यूएशन

वॉलमार्ट इंक के स्वामित्व वाली देश की दिग्गज ई-कॉमर्स कंपनी (इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग) आईपीओ लाने की योजना बना रही है। सूत्रों के मुताबिक, यह आईपीओ 2021 की शुरुआत में आ सकता है। कंपनी वैश्विक बाजारों में लिस्टिंग की तैयारी कर रही है। फ्लिपकार्ट का सीधा मुकाबला अमेजन डॉट कॉम की लोकल यूनिट अमेजन इंडिया और रिलायंस इंडस्ट्रीज से है। इनसे मुकाबले के लिए कंपनी अपनी वैल्यूएशन को बढ़ाकर 50 बिलियन डॉलर (करीब 3.6 लाख करोड़ रुपए) पर पहुंचाने की तैयारी कर रही है। यदि फ्लिपकार्ट इस मुकाम को हासिल कर लेती है तो वॉलमार्ट का कंपनी में निवेश लगभग दोगुना हो जाएगा।

सिंगापुर या अमेरिका में लिस्टिंग की योजना

सूत्रों के हवाले से रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, फ्लिपकार्ट आईपीओ लाने के लिए सिंगापुर या अमेरिका में एक देश को चुनने की योजना बना रही है। हालांकि, अभी किसी एक देश का चयन नहीं हुआ है। सूत्र के मुताबिक, फ्लिपकार्ट सिंगापुर में शामिल रहेगी, लेकिन लिस्टिंग अमेरिका में होगी। इसका कारण यह है कि अमेरिका में पैरेंट कंपनी वॉलमार्ट का हेडक्वार्टर है। इससे फ्लिपकार्ट को ज्यादा से ज्यादा फंड जुटाने में मदद मिल सकती है। हालांकि, फ्लिपकार्ट और वॉलमार्ट ने इस संबंध में कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

आंतरिक तौर पर शुरू हुई आईपीओ की तैयारी

सूत्र के मुताबिक, कंपनी ने आंतरिक तौर पर आईपीओ की तैयारी शुरू कर दी है। कंपनी आईपीओ की प्रक्रिया के लिए जल्द ही बाहरी सलाहकारों से बातचीत की तैयारी कर रही है। केंद्र सरकार ने घरेलू कंपनियों की वैश्विक बाजारों में लिस्टिंग के कानूनों को लेकर नया ड्राफ्ट जारी किया है। इसके बाद ही फ्लिपकार्ट ने आईपीओ की तैयारी शुरू की है। दो अन्य सूत्रों के मुताबिक, संभावित लिस्टिंग के लिए रेगुलेटरी स्टैंडर्ड के अनुसार कानूनी और वित्तीय अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए काम शुरू हो गया है।

वॉलमार्ट ने 2018 में खरीदी थी फ्लिपकार्ट

अमेरिकी कंपनी वॉलमार्ट ने 2018 में फ्लिपकार्ट की 77 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी थी। यह सौदा 16 बिलियन डॉलर करीब 1.17 लाख करोड़ रुपए में हुआ था। इस सौदे के साथ ही फ्लिपकार्ट के संस्थापक सचिन बंसल और बिन्नी बंसल अरबपति बन गए थे। साथ ही फ्लिपकार्ट देश के सबसे सफल स्टार्टअप में शामिल हो गया था। बाद में वॉलमार्ट ने रेगुलेटरी फाइलिंग में कहा था कि वह चार साल में फ्लिपकार्ट का आईपीओ लेकर आएगी।

फ्लिपकार्ट ने जुलाई में वॉलमार्ट से 1.2 बिलियन डॉलर जुटाए थे

जुलाई-2020 में फ्लिपकार्ट ने लीड इन्वेस्टर वॉलमार्ट से 1.2 बिलियन डॉलर का फंड जुटाया था। इसी राउंड में कंपनी ने चीन के टेंसेंट, अमेरिका के हेज फंड टाइगर ग्लोबल और माइक्रोसॉफ्ट से भी फंड जुटाया था। इस निवेश के साथ फ्लिपकार्ट की वैल्यू 24.9 बिलियन डॉलर करीब 1.83 लाख करोड़ रुपए हो गई थी। फ्लिपकार्ट ने कहा है कि चालू वित्त वर्ष में दो किस्तों में मिले फंड का इस्तेमाल कोविड-19 के कारण ई-कॉमर्स मार्केट में आए बदलाव से निपटने में किया जाएगा।

2024 तक 99 बिलियन डॉलर का हो सकता है भारत का ई-कॉमर्स सेक्टर

गोल्डमैन सैशे के मुताबिक, 2024 तक भारत का ई-कॉमर्स सेक्टर 99 बिलियन डॉलर करीब 7.30 लाख करोड़ रुपए का हो सकता है। इस बढ़ते बाजार ने वॉलमार्ट और अमेजन के अलावा भारत के रिलायंस इंडस्ट्रीज समूह को भी लुभाया है। अब रिलायंस इंडस्ट्रीज भी ई-कॉमर्स सेक्टर में कूद गया है। रिलायंस ने इसी साल ऑनलाइन ग्रॉसरी सेवा जियोमार्ट लॉन्च की है। जल्द ही इलेक्ट्रॉनिक्स और फैशन उत्पाद भी जियोमार्ट पर उपलब्ध होंगे।



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जुलाई-2020 में फ्लिपकार्ट ने लीड इन्वेस्टर वॉलमार्ट से 1.2 बिलियन डॉलर का फंड जुटाया था।


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