नई दिल्ली। वैसे तो आसमान में अक्सर कोई न कोई खगोलीय घटनाएं होती रहती हैं। मगर 31 अक्टबूर यानि शनिवार का दिन काफी खास है। क्योंकि आज आकाश में ब्लू मून (Blue Moon) का दुर्लभ नजारा दिखाई देगा। इस दौरान एक महीने के अंदर दूसरी बार दुर्लभ पूर्ण चंद्र दिखाई देगा। आम तौर पर हर महीने में एक बार पूर्णिमा और एक बार अमावस्या होती है, लेकिन इस बार एक महीने में दो बार पूर्णिमा (Purnima) के सामान चांद पूरे आकार में नजर आएगा। साल 2001 के बाद यानी करीब 19 साल बाद ऐसा मौका बन रहा है जब ब्लू मून बनेगा।
नासा (NASA) के मुताबिक ब्लू मून और हलोवीन के दुर्लभ संयोग से काफी अद्भुत नजारा दिखाई देगा। ऐसी घटना अब साल 2039 में दोबारा देखने को मिलेगी। वैज्ञानिकों के अनुसार हर 19 साल बाद हलोवीन के समय ब्लू मून बनता है। इस पीरियड को मेटॉनिक साइकिल कहते हैं। FarmersAlmanac के मुताबिक हलोवीन ब्लू मून 2001 में आखिरी बार दिखाई दिया था। हालांकि उस समय ये दुर्लभ नजारा मध्य और प्रशांत क्षेत्र में ही देखने को मिला था, लेकिन इस बार का हलोवीन ब्लू मून सभी जगहों से देखा जा सकेगा।
क्या होता है 'ब्लू मून'
'ब्लू मून' (Blue Moon) एक दुर्लभ नजारा होता है। अगर एक ही महीने में दो बार पूर्णिमा पड़ जाए यानी पूर्ण चंद्र दिखाई दे तो दूसरे पूर्ण चंद्र को 'ब्लू मून' के नाम से जानते हैं। मुंबई के नेहरू तारामंडल के अनुसार एक अक्टूबर को पूर्णिमा थी और अब दूसरी पूर्णिमा 31 अक्टूबर को पड़ रही है। अमूमन ब्लू मून पीले और सफेद दिखते हैं लेकिन आज चंद्रमा नीले रंग का दिखाई देगा। इसके हलोवीन ब्लू मून के नाम से भी जानते हैं। नासा के वैज्ञानिकों के अनुसार जब वातावरण में प्राकृतिक वजहों से कणों का बिखराव हो जाता है तब कुछ जगहों पर दुर्लभ नजारे के तौर पर चंद्रमा नीला दिखाई देता है। यह घटना वातावरण में कणों पर प्रकाश के पड़कर उसके बिखरने की वजह से होती है।
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