देश की मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर की गतिविधियों में अक्टूबर में लगातार तीसरे महीने सुधार दर्ज किया गया। कंपनियों के उत्पादन में गत 13 साल की सर्वाधिक तेज बढ़ोतरी हुई। IHS मार्किट इंडिया मैन्यूफैक्चरिंग पर्चेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) सितंबर के 56.8 से उछलकर अक्टूबर में 58.9 पर पहुंच गया।
सोमवार को जारी PMI आंकड़े गत एक दशक में अर्थव्यवस्था के स्वास्थ्य में सबसे तेज सुधार की ओर इशारा करते हैं। इस साल अप्रैल में इंडेक्स गिरावट के दायरे में चला गया था। उससे पहले लगातार 32 महीने तक यह ग्रोथ के दायरे में रहा था।
PMI इंडेक्स 50 से ऊपर रहने का मतलब ग्रोथ होता है
PMI की भाषा में इंडेक्स यदि 50 से ऊपर रहता है, तो इसका मतलब यह होता है कि कंपनियों ने उत्पादन बढ़ाया है। वहीं 50 से नीचे की रीडिंग बताती है कि कंपनियों का उत्पादन घटा है। IHS मार्किट की इकॉनोमिक्स एसोसिएट डायरेक्टर पॉलियाना डि लीमा ने कहा कि अक्टूबर का मैन्यूफैक्चर PMI कारोबारी गतिविधियों में ऐतिहासिक सुधार की की ओर इशारा कर रहा है।
रोजगार में लगातार 7वें महीने गिरावट
सर्वेक्षण में कहा गया कि कोरोनावायरस महामारी से संबंधित सरकार के दिशानिर्देशों के पालन के कारण रोजगार में और गिरावट आई। अक्टूबर में लगातार 7वें महीने रोजगार घट गया। हालांकि रोजगार में कटौती की बात कहने वाले प्रतिभागियों ने कहा कि पाबंदियों से कोरोनावायरस के प्रसार को रोकने में मदद मिली।
इनपुट कॉस्ट और सेलिंग प्राइस में मामूली बढ़ोतरी
PMI सर्वेक्षण के मुताबिक इनपुट कॉस्ट और सेलिंग प्राइस में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई। इस दौरान अगले एक साल के लिए कारोबारी कन्फिडेंस 50 साल केऊपरी स्तर पर दिखा। देश में वायरस संक्रमण के नए मामलों में कमी और कई अन्य कारोबारी क्षेत्रों के खुलने से उत्पादन में बढ़ोतरी होने की उम्मीद मजबूत हुई।
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