वित्त मंत्रालय का चालू वित्त वर्ष में 2 से 3 फीसदी जीडीपी ग्रोथ का अनुमान, जुलाई के बाद आ सकता हैं फाइनल आंकड़ा - Tech News

Breaking

Post Top Ad

Responsive Ads Here

Sunday, 3 May 2020

वित्त मंत्रालय का चालू वित्त वर्ष में 2 से 3 फीसदी जीडीपी ग्रोथ का अनुमान, जुलाई के बाद आ सकता हैं फाइनल आंकड़ा

कोरोनावायरस के कारण लागू लॉकडाउन के कारण देश की अर्थव्यवस्था ठहर सी गई है। इसको देखते हुए वित्त मंत्रालय वित्त वर्ष 2020-21 के लिए आर्थिक वृद्धि दर और बजट अनुमान के नए आंकड़े जारी करने पर विचार कर रहा है। वित्त मंत्रालय के अधिकारियों के हवाले से बिजनेस स्टैंडर्ड की एक रिपोर्ट के अनुसार, मौजूदा हालातों में मंत्रालय चालू वित्त वर्ष में 2 से 3 फीसदी आर्थिक ग्रोथ का अनुमान लगा रहा है। यह आर्थिक समीक्षा के 6 से 6.5 फीसदी के अनुमान से काफी कम है।


अंतिम आंकड़ों में हो सकता है बदलाव
रिपोर्ट के अनुसार, 23-24 अप्रैल को मुख्य आर्थिक सलाहकार कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यन ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिग के जरिए 15वें वित्त आयोग के सदस्य से सामने नए आंकड़े पेश किए थे। इस बैठक में शामिल रहे एक अधिकारी का कहना है कि अभी लॉकडाउन छठे सप्ताह में चल रहा है और इसे दो सप्ताह के लिए और बढ़ा दिया है। अधिकारी के मुताबिक मौजदा हालात काफी अनिश्चित और गतिशील हैं। अभी कोरोना के नए मामलों को नीचे लाने पर स्थिति साफ नहीं है। ऐसे में अंतिम आंकड़ों में बदलाव हो सकता है।


जारी हो सकते हैं नए आंकड़े
अधिकारी के मुताबिक, जब तक कोरोना आपदा का दौर पूरी तरह से खत्म नहीं होगा, तब तक इसके आर्थिक असर को लेकर कुछ भी अनुमान नहीं लगाया जा सकता है। मौजूदा हालातों को देखा जाए तो जुलाई या इसके बाद ही कोरोना से राहत मिलने की उम्मीद दिख रही है। इसी कारण से आर्थिक अनुमान में लगातार बदलाव आ रहा है। जैसे ही कोई अंतिम अनुमान आएगा, उसकी जानकारी सार्वजनिक रूप से दी जाएगी।


आर्थिक सर्वे में जताया था 6.5 फीसदी जीडीपी ग्रोथ का अनुमान
2019-20 के आर्थिक सर्वे में वित्त वर्ष 2020-21 में रियल जीडीपी ग्रोथ 6 से 6.5 फीसदी रहने का अनुमान जताया गया था। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2020-21 के बजट में केंद्र की ओर से कुल 30.4 लाख करोड़ रुपए खर्च होने का प्रावधान किया था। बजट में 24.23 लाख करोड़ रुपए का ग्रोस टैक्स रेवेन्यू, 2.12 लाख करोड़ करोड़ रुपए के विनिवेश और जीडीपी का 3.5 फीसदी फिस्कल डेफेसिट का लक्ष्य रखा था। वित्त मंत्रालय के एक अधिकारी के मुताबिक कोरोना के आर्थिक प्रभाव के कारण यह सभी अनुमान और लक्ष्य अब बेकार हो गए हैं।


अधिकांश एजेंसियों ने घटाया ग्रोथ रेट
कोरोना महामारी के कारण लागू लॉकडाउन को देखते हुए अधिकांश रेटिंग व अन्य एजेंसियों ने भारत का ग्रोथ रेट घटा दिया है। दिसंबर जनवरी में एजेंसियों ने 4 से 6 फीसदी के बीच ग्रोथ रेट का अनुमान जताया था, जिसे अब घटाकर -0.50 से लेकर 4 फीसदी तक कर दिया है।


जीडीपी ग्रोथ को लेकर एजेंसियों का अनुमान

एजेंसी

पुराना अनुमान (%)

नया अनुमान (%)
नोमुरा (2020) 4.50 -0.50
फिच रेटिंग्स (2020-21) 5.10 2
मूडीज (2020) 5.30 2.50
गोल्डमैन सैशे (2020-21) 3.30 1.60
वर्ल्ड बैंक (2020-21) 6.10 1.5-2.8
आईएमएफ (2020-21) 5.80 2
एडीबी (2020-21) 6.50 4


Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
लॉकडाउन के कारण मंद पड़ी आर्थिक गतिविधियों को देखते हुए वित्त मंत्रालय आर्थिक ग्रोथ के नए अनुमान तैयार कर रहा है। मौजूदा हालातों को देखते हुए इन अनुमानों में लगातार बदलाव हो रहा है।


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/2VYjuJu

No comments:

Post a Comment

Pages