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Saturday, 2 May 2020

मार्च की तुलना में अप्रैल में कम हुए डिजिटल ट्रांजेक्शन, IMPS ट्रांजेक्शन 2.02 ट्रिलियन घटकर 1.21 पर आए

एनपीसीआई (नेशनल पेमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया) के आंकड़ों के मुताबिक नेशनल लॉकडाउन के दौरान अप्रैल में डिजिटल पेमेंट से होने वाली इकॉनोमिक एक्टिविटी में कमी देखी गई हैं। अप्रैल में आईएमपीएस (इमिडिएट पेमेंट सर्विस) ट्रांजेक्शन गिरकर 1.21 ट्रिलियन पर आ गया, जो मार्च में 2.02 ट्रिलियन पर था। अप्रैल में ऐसे ट्रांजेक्शन से होने वाले लेन-देन की संख्या गिरकर 122.5 मिलियन पर आ गई, जो मार्च में 217 मिलियन पर थी। एनपीसीआई ने इन आंकड़ों को सोशल प्लेटफॉर्म ट्विटर और फेसबुक पर जारी किया है।

बता दें कि लॉकडाउन शुरू होने से पहले फरवरी में आईएमपीएस ट्रांजेक्शन से होने वाले लेन-देन की संख्या 248 मिलियन थी। इस दौरान लगभग 2.15 ट्रिलियन मूल्य के लेन-देन हुए थे। आईएमपीएस का उपयोग आमतौर पर 50,000 रुपए तक के लेनदेन के लिए किया जाता है। इस तरह के पेमेंट में गिरावट फरवरी में 43.72 प्रतिशत और मार्च के बाद से 40 प्रतिशत आर्थिक गतिविधियों में भारी संकुचन (कन्ट्रैक्शन) का संकेत देते हैं।

BHIM और UPI के ट्रांजेक्शन भी घटे
ठीक इसी तरह, BHIM और UPI (यूनिफाइड पेमेंट्स सिस्टम) के जरिए होने वाला लेन-देन मार्च में 2.06 ट्रिलियन से 26.7 प्रतिशत घटकर 1.51 ट्रिलियन पर आ गया। अप्रैल और मार्च के बीच ऐसे लेन-देन की संख्या 1250 मिलियन से गिरकर 990 मिलियन तक आ गई। इसकी तुलना में फरवरी में ऐसे ट्रांजेक्शन से होने वाले लेन-देन की संख्या 1330 मिलियन थी। इस दौरान लगभग 2.23 ट्रिलियन मूल्य के लेन-देन हुए थे।

टोल केलक्शन में भारी गिरावट
लॉकडाउन के चलते देशभर में वाहन बंद है। जिसके चलते टोल टैक्स से होने वाले कलेक्शन में भी भारी गिरावट आई है। अप्रैल में टोल ट्रांजेक्शन का वॉल्यूम घटकर 247.58 करोड़ रुपए पर आ गया है, इस महीने में सिर्फ 10 मिलियन ट्रांजेक्शन हुए। वहीं, मार्च में 1421.01 करोड़ रुपए के टोल ट्रांजेक्शन हुए थे, जिनकी संख्या 84.5 मिलियन थी। यह 82.58 प्रतिशत की ड्रॉप वैल्यू है।

भारत बिलपे में कम रही गिरावट
भारत बिलपे की वैल्यू में दूसरे पेमेंट की तुलना में कम गिरावट देखी गई। अप्रैल में इसका कुल ट्राजेंक्शन गिरकर 1371.17 करोड़ रुपए पर पहुंच गया, जो मार्च में 1953.99 करोड़ रुपए का था। अप्रैल में होने वाले कुल ट्रांजेक्शन की संख्या 12.77 मिलियन रही, जो फरवरी में 15.84 मिलियन थी। हालांकि, लाइव बिलर्स की संख्या अप्रैल में बढ़कर 190 पर पहुंच गई, जो मार्च में 182 और फरवरी में 176 थी।

आधार-बेस्ड बायोमैट्रिक पेमेंट्स में बढ़ोतरी
लॉकडाउन के दौरान सिर्फ एकमात्र आधार-बेस्ड बायोमैट्रिक पेमेंट्स (AePS) में बढ़ोतरी देखने को मिली। एनपीसीआई के आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल 411.5 मिलियन लेन-देन के माध्यम से इसका वॉल्यूम 147087.6 मिलियन था, जो मार्च में 10,170.31 करोड़ रुपए था। ऐसा इस वजह से हो सकता है क्योंकि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 26 मार्च 2020 को अनौपचारिक क्षेत्र के लिए एक राहत पैकेज पेश किया, जो आधार-बेस्ड बायोमेट्रिक सत्यापन का उपयोग करके नकद और खाद्य सहायता का एक संयोजन था।



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