पूंजी बाजार नियामक सेबी ने आलोक इंडस्ट्रीज पर 12 लाख रुपए की पेनाल्टी लगाई है। 45 पेज के ऑर्डर में सेबी ने यह जानकारी दी है। यह पेनाल्टी रेगुलेशन का पालन नहीं करने पर लगाई गई है। उधर एक दूसरे मामले में निवेश की सलाह देनेवाली तीन कंपनियों और उनके मालिकों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
आलोक इंडस्ट्रीज ने नहीं किया खुलासा
सेबी के आदेश के मुताबिक एनसीडी के मामले में आलोक इंडस्ट्रीज संभावित डिफॉल्ट का खुलासा करने में फेल रही है। इसी के साथ कंपनी पेमेंट और ब्याज के भुगतान में भी डिफॉल्ट कर गई थी और इसके बारे में भी खुलासा नहीं किया। आलोक इंडस्ट्रीज ने अपने करीबन 6-7 फाइनेंशियल रिजल्ट में भी इस तरह का कोई खुलासा नहीं किया। इसी के बाद सेबी ने पेनाल्टी लगाई है। वैसे पिछले 15-20 दिनों में आलोक इंडस्ट्रीज के शेयरों में 50 प्रतिशत के करीब गिरावट आई है।
यह कंपनियां सेबी के पास रजिस्टर्ड नहीं हैं
दूसरे मामले में सेबी ने वे टू गेन, कैपिटल मिरर और एस्ट्रो कैपिटल सोल्यूशंस के साथ उनके मालिकों राजीव तिवारी, सौरभ समीर और अंकित कुमार उपाध्याय पर प्रतिबंध लगा दिया है। सेबी ने जारी आदेश में कहा कि ये लोग निवेश की सलाह देकर निवेशकों से पैसे लेते थे। जबकि यह कंपनियां सेबी के पास रजिस्टर्ड नहीं हैं।
दो साल तक का लगा प्रतिबंध
सेबी ने आदेश में कहा कि उपरोक्त तीनों लोग इस आदेश के बाद किसी भी लिस्टेड या अनलिस्टेड कंपनी में शामिल नहीं हो सकते हैं। साथ ही आम लोगों से पैसा जुटाने या किसी इंटरमीडियरीज के साथ जो सेबी के पास रजिस्टर्ड है उसमें भी ये शामिल नहीं हो सकते हैं। ये लोग दो साल तक किसी भी कंपनी में डायरेक्टर, प्रमोटर या सीनियर मैनेजमेंट में भी नहीं हो सकते हैं।
9 करोड़ रुपए निवेशकों से ठगे
सेबी ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद उसने इसकी जांच की थी। जांच में यह पाया गया कि ये लोग निवेशकों को मोबाइल फोन और ईमेल से शेयरों की खरीद और बिक्री की सलाह देते थे। इन लोगों ने निवेश सलाह के नाम पर 9 करोड़ रुपए जुटाए थे। इसी तरह सेबी ने एक अलग आदेश में प्रोफिसिएंट ग्लोबल और इसके मालिक अभिषेक सूर्यवंशी पर भी निवेश सलाह की सेवा देने पर प्रतिबंध लगा दिया है। इनके अलावा सेबी ने एमएसएस ट्रेडिंग सिस्टम सेंटर और इसके मालिक लुइस पर भी प्रतिबंध लगाया है।
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